।।प्रमुख उत्सव काल।।
संवतसर शुभारम्भ (गुड़ी पाड़वा)
संवतसर शुभारम्भ (गुड़ी पाड़वा)
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल पोर्णिमा तक
-:रामनवमी:-- चैत्र प्रतिपदा एवं श्रीराम नवमी को प्रातः 3.30 से 8.00 बजे तक भगवान के खुले विग्रह का एवं षोडशोपचार पूजन का दर्शन होता है एवं रामजन्मोत्सव की आरती नारदीय कीर्तिन, बधाई गान 11.00 बजे से लगभग 1.30 तक चलता है। तदोपरान्त नैवैद्य, भण्डारा होता है। रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 4.00 बजे तक प्रभु समक्ष शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम होता है। जिसमें स्थानीय एवं बाहर के कलाकार अपनी - अपनी कला प्रस्तुत करते है।
- दशमी को प्रातः 10.00 बजे से 1.00 बजे तक हिन्दी एवं मराठी गीत रामायण का कार्यक्रम होता है। तदोपरान्त भण्डारा, सायं 4 बजे से 6 बजे तक महिला मण्डल कार्यक्रम, 6.00 से 7.00 तक प्रवचन संध्या 7.00 बजे आरती 8.00 बजे से भगवान की राजगद्दी एवं विदाई समारोह होता है, तदोपरान्त भगवान की शयन आरती होती है।
- चैत्र शुक्ल पोर्णिमा के दिन प्रातः 4.00 बजे मंगला आरती तदोपरान्त से दक्षिणाभिमुख हनुमान जी का षोडशोपचार पूजन एवं प्रसाद वितरण होता है।
- उत्सव काल कार्यक्रम
- प्रातःकाल 4.30 पर शहनाई वादन एवं मंगला आरती तदोपरान्त 6.15 पर श्रृंगार आरती।
- वेद पठन (पवमान पाठ, पुरूष सूक्त, श्रीसूक्त) का परायण।
- रामायण का पाठ (तुलसीकृत, वाल्मिकी अध्यात्म एवं भावार्थ) होता है।
- 8.00 बजे से 10.00 बजे तक भजन कार्यक्रम।
- 10.00 बजे से 12.30 तक शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम।
- 1.00 बजे से भगवान को नैवैद्य एवं उपस्थित राम भक्तों का भण्डारा।
- सायं 4.30 से 6.00 बजे तक भगनी मण्डल (बहनों द्वारा) का कार्यक्रम।
- 6.00 बजे से 7.00 बजे तक प्रवचन संध्या।
- पूजन, संध्या आरती 7.00 बजे ।
- 8.00 बजे से 10.00 बजे तक नारदीय हरि कीर्तिन।
- 10.00 बजे प्रभु शयन।